Sex-Park
May 29, 2006
लो भाई जिस उद्देश्य को लेकर यह चिट्ठा शुरू करने का विचार आया था, उसे लेकर एक 10,500 वर्गफ़ुट का थीम पार्क 70 लाख पाउंड (लगभग 55 करोड़) रुपए की लागत से लन्दन में बन रहा हैं.
बी.बी.सी. के अनुसार पार्क सात सितंबर को शुरु होने जा रहा है और जिनकी भी उम्र 18 साल या उससे अधिक होगी 15 पाउंड की टिकट ख़रीद कर इसमें प्रवेश पा सकेंगे.
‘एकैडमी ऑफ़ सेक्स एंड रिलेशनशिप’ के इस पार्क में सात खंड हैं जिसमें सुख और चरमसुख का खंड भी शामिल है.
पार्क में सिलिकॉन से बने आदमक़द मॉडल भी होंगे जिसे छूकर दर्शक कामोत्तेजना पैदा करने वाले बिंदुओं की पहचान कर सकेंगे. इसके अलावा वहाँ दिशा-निर्देश होंगे कि अच्छा चुंबन किस तरह लिया जाता है.
पार्क में कोई सीमा तय नहीं है, एक बेमिसाल प्रेमी बनने के लिए जिसको जो जानकारी चाहिए होगी, वो उपलब्ध करवाई जायेगी. और जानने के लिए यहां जाएं:
http://www.bbc.co.uk/hindi/science/story/2006/05/060524_sex_park.shtml
May 31, 2006 at 12:09 am
काफ़ी प्रचार हो रहा है इसका मगर टापिक इतना सेंसिटिव है कि शायद अपने देश मे जन सामान्य को पसंद ना आये(या यूँ कहें कि पसंदगी जाहिर करना पसंद ना आये)
May 31, 2006 at 9:41 am
सही कहा आपने जन सामान्य के लिए सेक्स शब्द ही अश्लील हैं, बावजुद इसके पता नहीं हम 35 करोङ से 120 करोङ कैसे हो गये.
माने या न माने भारत में दो सामग्रीयां सबसे ज्यादा बिकती हैं, धर्म और सेक्स.
September 3, 2006 at 4:53 pm
संजय भाई, काम को हम कैसे नकार सकते हैं, उसी के कारण आज हमारा अस्तित्व इस पृथ्वी पर है। इसी के आधार पर हमारी संतति आएगी। ख़राब वह नज़रिया है जो आज सिनेमा और धारावाहिकों में प्राय: प्रस्तुत किया जाता है। आज दूरदर्शन पर एड्स से बचने के लिए एक ही उपाय बताया जाता है कि कंडोम का इस्तेमाल करें। जासूस विजय धारावाहिक की विषयवस्तु भी यही है। एड्स से बचाव आवश्यक है परंतु मैं ऐसे विज्ञापन अपने माता-पिता या बहन के साथ नहीं देख सकता। शायद यही स्थिति अन्य परिवाय की हो। सभी घरों में ऐसे समय रिमोट से चैनल बदल दी जाती है। इस बात पर शायद ही जोर दिया गया है कि अपने जीवनसाथी के प्रति वफ़ादार रहें। उसके अलावा अन्य विकल्प की क्या आवश्यकता है। यदि विवाह नहीं हुआ है तो हो जाएगा। तब तक भी विकल्प नहीं तलाशा जाए तो कोई प्रलय नहीं आ जाएगा। हमारी संस्कृति में समाज के चार स्तंभ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं। काम के बाद ही मोक्ष आता है अर्थात् काम से निवृत्ति ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है काम को नकारने का प्रश्न ही नहीं पैदा होता।
October 13, 2006 at 1:14 pm
आदरणीय
सेक्स शब्द ही ऐसा है जो सभी को किसी न किसी रूप में अपनी ओर खींचता है. मेरा आप लोगों से अनुरोध है कि मैं सेक्स पर ही एक किताब हिन्दी में लिख रहा हूं. चूंकि हिन्दी में सेक्स पर कोई सही मैटर उपलब्ध नहीं है. मैं चाहता हूं कि आप लोगों के सहयोग से यह नेट पर चला जाय. चूंकि नेट के बारे में मेरा ज्ञान न के बराबर है. आशा है आप भी मदद करेंगे. यह जरूर बता देना चाहता हूं सेक्स पर जो मैटर मेरे द्वारा लिखा जा रहा है बह सेक्स क्या और कैसे पर है. उसकी भाषा कई जगह एडल्ट और चित्र भी सिर्फ वयस्कों के लिये है. लेकिन यह मैटर हिन्दी में यदि नेट पर पहुंच गया तो हिन्दीभाषियों के लिये काफी ज्ञानपरक होगा. यदि आपको मैटर देखना हो तो वह मैं मेल कर सकता हूं. कृपया मुझे मेरे मेल पर उचित निर्देश दें.
October 18, 2006 at 12:48 am
अन्ततः आप लोगों के सहयोग से मैने सेक्स संबंधी ब्लाग बनाने में सफलता पा ही ली. चाहें तो आप लोग भी अवलोकन कर सकते हैं. पता है http://sexkya.blogspot.com/ यदि पसंद आए तो इसे प्रचारित करें. धन्यवाद
मेरा मेल पता sharmarama2000@yahoo.com
April 4, 2007 at 7:48 am
hey u can see hindi sixy story also
http://nepalistory.blogsome.com
plz visut and write comment
August 26, 2007 at 5:57 pm
hi kura k bhane ni ma ra mero yak jana shathi yak din …………
August 31, 2007 at 4:21 pm
दिल की कलम से
नाम आसमान पर लिख देंगे कसम से
गिराएंगे मिलकर बिजलियाँ
लिख लेख कविता कहानियाँ
हिन्दी छा जाए ऐसे
दुनियावाले दबालें दाँतो तले उगलियाँ ।
NishikantWorld
May 15, 2008 at 3:13 pm
this is very nice